December 9, 2025

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर ई.डी. की रेड

बेटे चैतन्य के ठिकानों पर छापेमारी, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में जांच

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) ने सोमवार सुबह छापेमारी की। बताया जा रहा है कि, यह कार्रवाई शराब घोटाले और कोयला घोटाले से जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में की जा रही है। ईडी ने इस दौरान राज्यभर में कुल 15 ठिकानों पर रेड मारी, जिसमें चैतन्य बघेल के घर के अलावा कुछ अन्य प्रमुख नेताओं और अधिकारियों के ठिकाने भी शामिल हैं।
इस छापेमारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है, जबकि भाजपा ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम बताया है।
क्या है कोयला घोटाला?
छत्तीसगढ़ में ईडी ने जांच के बाद 570 करोड़ रुपए के कोल लेवी स्कैम का खुलासा किया था। इस घोटाले में आई.ए.एस. अधिकारी रानू साहू, समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग के एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।
आरोप है कि, कोयला परिवहन में प्रति टन 25 रुपए का अवैध कमीशन वसूला जाता था, जिसे एक सिंडिकेट संचालित करता था। इस सिंडिकेट में कथित रूप से कई राजनीतिक नेता और नौकरशाह भी शामिल थे। ईडी ने इस घोटाले से जुड़े कई नेताओं और व्यापारियों के घरों और दफ्तरों पर छापेमारी कर दस्तावेज जब्त किए हैं।
महादेव सट्टा ऐप घोटाला
ईडी पिछले एक साल से महादेव सट्टा ऐप घोटाले की भी जांच कर रही है। इस घोटाले में छत्तीसगढ़ के कई प्रभावशाली राजनेताओं और अफसरों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। महादेव ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हैं, जो छत्तीसगढ़ के ही रहने वाले हैं। ईडी के मुताबिक, इस अवैध सट्टेबाजी ऐप के जरिए करीब 6000 करोड़ रुपए की आय हुई है। इस मामले में भूपेश बघेल पर भी आरोप लगे थे। हालांकि, उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था।
2161 करोड़ का शराब घोटाला!
ईडी की छापेमारी छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले से भी जुड़ी हुई है। इस घोटाले में करीब 2161 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था।

About The Author