October 9, 2026

किसानों के विरोध प्रदर्शन की सुनवाई टली, सुप्रीम कोर्ट ने दी 19 मार्च की तारीख

नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के आंदोलन संबंधी मामले पर सुनवाई शुक्रवार को स्थगित करते हुए कहा कि केंद्र और किसानों के बीच दो दौर की वार्ता हो चुकी है। किसानों ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित कई मांगें की हैं।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि तीसरे दौर की वार्ता 19 मार्च को होनी है। पीठ ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को चिकित्सा सहायता मुहैया कराने संबंधी याचिका समेत मामले को 19 मार्च के बाद के लिए स्थगित कर दिया।

पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के दो मंत्रियों ने बैठक में भाग लिया था। पीठ ने आंदोलनकारी किसानों को अपनी शिकायतें उठाने का एक मंच प्रदान करने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति के काम की सराहना की और इसकी अंतरिम रिपोर्ट को रिकॉर्ड में ले लिया।

पीठ ने रिपोर्ट को फिलहाल अपने पास रख लिया है और समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) नवाब सिंह एवं अन्य सदस्यों के लिए मानदेय तय किया है। शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारी किसानों की शिकायतों का सौहार्दपूर्ण समाधान करने के उद्देश्य से सितंबर, 2024 में समिति का गठन किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​​​कार्रवाई पर 22 जनवरी को इस बात पर गौर करने के बाद रोक लगा दी थी कि डल्लेवाल अपना अनशन तोड़े बिना चिकित्सा सहायता ले रहे हैं।

पीठ ने कहा था कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की और 14 फरवरी को चंडीगढ़ में एक और बैठक निर्धारित की गई।

 

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