May 7, 2026

18 दिन की एन.आई.ए. कस्टडी में आतंकी तहव्वुर राणा

टीम करेगी पूछताछ, बंद कमरे में सुनवाई के बाद देर रात फैसला

नई दिल्ली। मुंबई 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाया गया है। गुरुवार देर रात करीब 10.30 बजे तहव्वुर राणा को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। बंद कमरे में हुई सुनवाई में स्पेशल एन.आई.ए. जज चंद्रजीत सिंह ने उसे 18 दिन की एन.आई.ए. कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। एजेंसी ने 20 दिन की रिमांड की मांग की थी।
64 साल का राणा गुरुवार शाम 6.30 बजे अमेरिकी स्पेशल विमान से दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा। इसके बाद एन.आई.ए. ने उसका मेडिकल चेकअप कराया और सीधे हेडक्वार्टर ले गई।
एन.आई.ए. करेगी पूछताछ
एन.आई.ए. आज सुबह 10 बजे से राणा से पूछताछ शुरू करेगी। जांच में उसके मुंबई हमले में रोल को लेकर विस्तृत पूछताछ होगी। एस.पी. और डी.एस.पी. स्तर के अधिकारी उससे पूछताछ करेंगे। यह प्रक्रिया सीसीटीवी के सामने होगी और सारी रिकॉर्डिंग भी होगी।
तहव्वुर राणा की पहली तस्वीर आई सामने।
पूछताछ में होंगे कई बड़े खुलासे
एन.आई.ए. ने कोर्ट को बताया कि राणा ने मुंबई हमले की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। डेविड हेडली ने भी राणा के साथ हमले की तैयारी को लेकर बातचीत की थी। राणा ने ही हेडली को भारत में ऑफिस खोलने में मदद की थी, ताकि आतंकी गतिविधियों को छिपाया जा सके।
एन.आई.ए. की चार्जशीट में राणा पर हत्या, देश के खिलाफ युद्ध की साजिश और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने जैसे गंभीर आरोप हैं। 405 पन्नों की चार्जशीट में उसका नाम प्रमुख साजिशकर्ता के तौर पर दर्ज है।
मुंबई हमले में राणा की भूमिका
एनआईए द्वारा दाखिल चार्जशीट में तहव्वुर राणा को आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य बताया गया है। उसने डेविड हेडली को मुंबई में ‘फर्स्ट वर्ल्ड’ नाम से ऑफिस खोलने में मदद की, जिससे हेडली ने हमले की लोकेशन की रेकी की। यह ऑफिस एक कवर के तौर पर इस्तेमाल हुआ ताकि हेडली आतंकी साजिश को अंजाम दे सके।
राणा-हेडली की दोस्ती और साजिश
राणा और डेविड हेडली बचपन के दोस्त हैं। हेडली की गवाही और ईमेल डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, राणा ने न सिर्फ हेडली को फर्जी दस्तावेज़ उपलब्ध कराए, बल्कि भारत यात्रा के लिए वीज़ा कैसे हासिल करें इस पर भी सलाह दी। अमेरिकी सरकार का कहना है कि राणा को हमले की प्लानिंग और टारगेट्स की जानकारी थी।
अमेरिका में राणा की गिरफ्तारी और सजा
2009 में एफ.बी.आई. ने शिकागो के ओ’हेयर एयरपोर्ट से तहव्वुर राणा को गिरफ्तार किया था। उस पर मुंबई और कोपेनहेगन हमलों की साजिश में शामिल होने का आरोप था। हेडली की गवाही के आधार पर राणा को अमेरिका में 14 साल की सजा सुनाई गई थी।
भारत की प्रत्यर्पण की लंबी कानूनी लड़ाई
भारत ने 2011 में राणा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की और 2018 से उसके प्रत्यर्पण की कोशिशें शुरू कीं। फरवरी 2024 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने औपचारिक तौर पर राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति दी। राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में खुद को बीमार बताकर याचिका दायर की थी, जिसे जनवरी 2025 में खारिज कर दिया गया।
कौन है तहव्वुर राणा?
पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक
पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर रह चुका है
1997 में कनाडा जाकर इमिग्रेशन सर्विस का बिजनेस शुरू किया
अमेरिका में भी ऑफिस खोले और फर्जी दस्तावेजों का नेटवर्क फैलाया
7 भाषाओं का जानकार और कई देशों में यात्रा कर चुका है
पाकिस्तान ने पल्ला झाड़ा
पाकिस्तान ने राणा को लेकर कहा है कि वह कनाडाई नागरिक है और उसके पाकिस्तानी दस्तावेज पिछले दो दशक से रिन्यू नहीं हुए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान उसके अपराधों से खुद को अलग दिखाने की कोशिश कर रहा है।

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