नई दिल्ली,- दिल्ली की एक अदालत ने 26/11 आतंकवादी हमले के कथित मुख्य षड्यंत्रकारी तहव्वुर हुसैन राणा के अमेरिका से संभावित प्रत्यर्पण से पहले मुंबई की एक अदालत से इस मामले में मुकदमे से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं।
जिला न्यायाधीश विमल कुमार यादव ने 28 जनवरी को पारित आदेश में मुंबई की एक अदालत के अधिकारियों को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। यह आदेश राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की एक याचिका पर आया, जिसमें मुंबई से रिकॉर्ड वापस मंगाने का अनुरोध किया गया था।
मुंबई के 26/11 आतंकी हमलों से संबंधित कई मामले दोनों शहरों में मौजूद होने के कारण निचली अदालत में मुकदमे से जुड़े रिकॉर्ड पहले मुंबई भेजे गए थे। अमेरिका की एक अदालत ने पहले फैसला दिया था कि पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है, जहां वह पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा मुंबई में 2008 में किए गए आतंकवादी हमले के मामले में वांछित है।
राणा को पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा हुआ माना जाता है, जो 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में छह अमेरिकियों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे। इसमें 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई के प्रमुख स्थानों पर लोगों पर हमला किया था।

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