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सीट जांच में पूर्ण सहयोग अनिवार्य
पंजाब : सुप्रीम कोर्ट ने मादक पदार्थ मामले में आरोपी पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मझीठिया को सीट (विशेष जांच टीम) की जांच प्रक्रिया में बाधा डालने से सख्त मना किया है।
अदालत ने कहा है कि मझीठिया न तो सीट के किसी सदस्य के खिलाफ और न ही जांच से जुड़ी किसी जानकारी को मीडिया में साझा करेंगे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जब भी स्ढ्ढञ्ज उन्हें जांच के लिए तलब करेगी, उन्हें अनिवार्य रूप से हाजऱि होना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी दी चेतावनी : सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर मझीठिया ने सीट के साथ सहयोग नहीं किया, तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सहयोग न करने की स्थिति में उसके पास जमानत रद्द करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा।
बिक्रम मजीठिया पर बढ़ा कानूनी दबाव : इस आदेश के बाद अब मझीठिया पर कानूनी दबाव और अधिक बढ़ गया है। कोर्ट के निर्देशों को गंभीरता से लेना उनके लिए ज़रूरी हो गया है, वरना उन्हें कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यह मामला पंजाब में ड्रग माफिया के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जिसमें मझीठिया पर गंभीर आरोप लगे हैं।

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