चंडीगढ़ : घोटालेबाजों को बचाने के दोष में विजिलेंस चीफ को सस्पेंड कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में विजिलेंस प्रमुख एसपीएस परमार के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने कहा कि जो भी भ्रष्टाचारियों को बचाएगा वह नहीं बचेगा।
विजिलेंस चीफ के साथ-साथ एआईजी हरप्रीत सिंह एवं एसएसपी विजिलेंस स्वर्णजीत सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 7 अप्रैल को रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) के दफ्तरों और ड्राइविंग टेस्ट केंद्रों पर छापेमारी की। इस दौरान रिश्वतखोरी और अन्य खामियों में शामिल 24 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान कुल 16 एफआईआर दर्ज की गईं और अधिकारियों ने एजेंटों से 40 हजार 900 रुपए नकद बरामद किए। सरकार ने दावा किया है कि यह राशि ड्राइविंग लाइसेंस, टेस्ट व अन्य सेवाएं दिलवाने के एवज में वसूलते थे। इस मामले की अभी जांच चल रही थी।
प्रवीण कुमार सिन्हा को विजिलेंस चीफ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
पंजाब सरकार ने विजिलेंस ब्यूरो में बड़ा फेरबदल करते हुए आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार सिन्हा को विजिलेंस ब्यूरो के चीफ का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब सरकार ने इससे पहले विजिलेंस ब्यूरो के तत्कालीन चीफ एस.पी.एस. परमार सहित दो अन्य अधिकारियों, एक एआईजी और एक एसएसपी विजिलेंस, को निलंबित कर दिया था। इन निलंबन के बाद विजिलेंस ब्यूरो के प्रमुख का पद रिक्त हो गया था, जिसके चलते प्रवीण कुमार सिन्हा को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। प्रवीण कुमार सिन्हा अब विजिलेंस ब्यूरो के कामकाज की देखरेख करेंगे।

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