August 22, 2026

लोकसभा में राहुल गांधी ने की वोटर लिस्ट पर चर्चा की मांग

बोले- पूरे देश में उठ रहे सवाल; ममता की पार्टी ने भी दिया साथ

नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग की कार्यवाही के दौरान सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची में गड़बडय़िों का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूरे देश में इस पर सवाल खड़े होने की बात कहते हुए वोटर लिस्ट पर विस्तृत चर्चा की मांग की। राहुल गांधी की इस मांग का विपक्षी दलों ने समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष ने इस पर अलग रुख अपनाया। चर्चा की मांग के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और अन्य दलों ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी बोले, वोटर लिस्ट पर चर्चा जरूरी
लोकसभा में शून्यकाल के दौरान राहुल गांधी ने कहा, पूरे देश में मतदाता सूची पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों की यही मांग है कि इस पर खुली चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार भले ही मतदाता सूची तैयार नहीं करती हो, लेकिन इसमें पाई जा रही गड़बडय़िों और अनियमितताओं पर संसद में बहस जरूरी है।
राहुल गांधी ने आगे कहा, महाराष्ट्र समेत हर राज्य में विपक्ष एक स्वर में सवाल उठा रहा है। क्या सरकार इस पर गंभीर चर्चा के लिए तैयार है?
विपक्ष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
राहुल गांधी के बयान के बाद राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग सरकार के हाथ में है। अगर लोकतंत्र ऐसे ही चलता रहा और चुनाव आयोग सरकार के लिए पैरवी करता रहा, तो चुनाव के नतीजे क्या होंगे यह सबको मालूम है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता होनी चाहिए, लेकिन कई वर्षों से इस पर शक बना हुआ है।
टीएमसी ने भी मतदाता सूची की गड़बडय़िों पर जताई चिंता
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने भी मतदाता सूची में गड़बडय़िों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, मतदाता सूची में कई खामियां हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कहा है कि मुर्शिदाबाद और बर्दवान संसदीय क्षेत्रों में एक ही ईपीआईसी (चुनावी फोटो पहचान पत्र) संख्या वाले मतदाता पाए गए हैं।
टीएमसी ने इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करने का फैसला किया है और मांग की है कि मतदाता सूचियों में व्यापक संशोधन किया जाए, खासकर पश्चिम बंगाल और असम में, जहां अगले साल चुनाव होने वाले हैं।
चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए- सौगत रॉय
सौगत रॉय ने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और असम में मतदाता सूची में अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन गड़बडय़िों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग को देश को जवाब देना चाहिए कि इन सूचियों में इतनी गलतियां क्यों हुईं? क्या यह महज संयोग है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?
सत्ता पक्ष का जवाब
सत्ता पक्ष की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार विपक्ष की इन मांगों को खारिज कर सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार होती है या नहीं। वहीं, विपक्ष इस मामले को चुनाव आयोग के सामने ले जाने की योजना बना रहा है।

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