एस.ए.एस. नगर : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज उद्योगपतियों को पंजाब को देश का औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए फास्टट्रैक पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
यहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल यह सुनिश्चित करेगा कि निवेशकों को आवेदन के 45 दिनों के भीतर सभी स्वीकृतियां दी जाएं और यह औद्योगिक मॉडल शासन की रीढ़ है। उन्होंने दोहराया कि यह सुधारों की श्रृंखला में एक नई लहर की शुरुआत है, जहां व्यापार करने में आसानी एक नारे के बजाय एक संस्कृति बन गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से ही साहसी और उद्यमियों की भूमि रही है और अब यह उसी भावना के साथ भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में राज्य सरकार ने समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने कहा कि अब तक उद्योगपतियों को एटीएम माना जाता था, जो केवल चुनावों के दौरान ही फंड देते थे। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि उद्योगपति केवल अपने काम करवाने के अधिकार के लिए पारंपरिक पार्टियों को फंड देते थे ताकि उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने उद्योगपतियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने अनोखे रंग कोड वाले स्टांप पेपर शुरू किए हैं ताकि उद्यमियों को राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए विशेष सुविधाएं दी जा सकें, जिससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस क्रांतिकारी कदम का उद्देश्य राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगपतियों की जरूरतों और उनकी सुविधा के अनुसार उद्योगों के लिए नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों ने राज्य सरकार से जो भी मांग की है, उसे उद्योगों की सुविधा के लिए जल्द से जल्द मुहैया कराया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी समय की जरूरत है और इसका उद्देश्य पंजाब को औद्योगिक हब बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले भी इस तरह की कांफ्रेंस होती रही हैं, लेकिन पंजाब को इसका कभी फायदा नहीं मिला, क्योंकि नेता अपने निजी हितों में लगे रहे। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की सोच इतनी घटिया है कि उद्योगपतियों के स्वागत के लिए यहां लगाए गए सजावटी पेड़ों को उखाडक़र बादल गांव ले गए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं ने कभी समाज के किसी वर्ग के कल्याण की चिंता नहीं की, बल्कि अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की तरह अब उद्योगपतियों को कोई परेशान नहीं करेगा, बल्कि राज्य सरकार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम प्रदान करने का काम पहले ही शुरू कर दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए इसे वास्तविक उत्साह के साथ लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह युवाओं को रोजगार मुहैया करवाकर उनके हाथों में खाने का सामान थमा देना चाहते हैं ताकि वे नशे की बुराई से बच सकें। उन्होंने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर माना जाता है, इसलिए राज्य सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिले ताकि वे सामाजिक खतरों का शिकार न हों। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है, जिसके चलते राज्य सरकार औद्योगीकरण को बढ़ावा देकर इस बीमारी को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तरुणप्रीत सिंह सौंद सहित अन्य उपस्थित थे।

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