October 9, 2026

देश का अंग्रेजी नाम बदलने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई, ‘इंडिया’ को ‘भारत’ करने की याचिका दायर

नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट में आज देश के नाम को बदलने वाले मुद्दे पर सुनवाई होगी। दरअसल, इस याचिका पर आखिरी सुनवाई 17 फरवरी को हुई थी, जिसमें जस्टिस सचिन दत्ता ने केंद्र को जवाब देने के समय बढ़ा दिया था। दरअसल, दिल्ली से याचिकाकर्ता नमह ने संविधान के आर्टिकल 1 में अमेंडमेंट की मांग की है। उनका कहना था कि ‘ढ्ढहृष्ठढ्ढ्र जो भारत है’ को बदलकर ‘भारत या हिंदुस्तान राज्यों का संघ’ कर दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में भी चला यह मामला
इससे पहले, नमह ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने देश के मूल और प्रामाणिक नाम ‘भारत’ को आधिकारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में संबंधित मंत्रालय को मामले पर विचार करने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
1948 में भी हुआ था इंडिया नाम का विरोध
याचिकाकर्ता का कहना है कि ‘इंडियन’ शब्द अंग्रेजों द्वारा गुलामों के लिए इस्तेमाल किया जाता था और उन्होंने ही देश को अंग्रेजी में ‘इंडिया’ नाम दिया। 15 नवंबर 1948 को संविधान के अनुच्छेद 1 पर बहस के दौरान एम. अनंतशयनम आयंगर और सेठ गोविंद दास ने देश का नाम ‘इंडिया’ रखने का विरोध किया था। उन्होंने सुझाव दिया था कि अंग्रेजी में भी नाम ‘भारत’, ‘भारतवर्ष’ या ‘हिंदुस्तान’ रखा जाए। लेकिन उस समय इस पर ध्यान नहीं दिया गया। अब इस गलती को सुधारने के लिए याचिकाकर्ता ने कोर्ट से केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की है।

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